Lovedeep Kapila

Hello World

If you want a pleasant change in life

Dec 152017

 

एक दार्शनिक व्याख्यान लिख रहे थे। हाथ में पेंसिल लेकर चिंतन में मग्न थे। तभी उनका शिष्य आ गया। बोला- मैं जीवन में बड़ा परिवर्तन चाहता हूं.. लेकिन हो नहीं पा रहा है। दार्शनिक बोले - खुद को तराशो, धैर्य रखो और अपने गुणों को बढ़ाओ, बड़ा परिवर्तन आ जाएगा।
शिष्य बोला- ये तो छोटी-छोटी बातें हैं, इनसे बड़ा परिवर्तन कैसे आ जाएगा? दार्शनिक ने अपनी पेंसिल उठाई और बोले - यह छोटी-सी पेंसिल है, यह भी तुम्हारे जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। शिष्य बोला - कैसे? उन्होंने बोलना शुरू किया - मान लो तुम पेंसिल हो। पेंसिल चले, इसके लिए एक हाथ की जरूरत है। वह हाथ गुरु का भी हो सकता है और ईश्वर का भी। अत: गुरु और ईश्वर में श्रद्धा रखो।undefined

अगर तुमने खुद को तराशा नहीं, तो तुम नहीं चल पाओगे। अपने गुणों को भी तराशो और मेधा को भी..। तराशने में कष्ट होता है, लेकिन उसे सहो। इसके लिए धैर्य पैदा करो। दुख, अपमान और हार को बर्दाश्त करना सीखो। यदि तुमसे कोई गलती हो गई है, तो उस गलती को सुधार लो।

अपने विवेक की रबड़ अपने पास अवश्य रखो। तुम्हारे बाहर की लकड़ी (शरीर) भले ही कमतर हो, लेकिन भीतर जो ग्रेफाइट की छड़ (अंतस) है, उसकी गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए, यानी अपने भीतर के विचारों को शुद्ध करो। क्या तब तुममें बड़ा परिवर्तन नहीं आ जाएगा..? दार्शनिक की बात सुनकर शिष्य चकित था।


कथा-मर्म : छोटी-छोटी चीजें ही जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने में मददगार होती हैं।

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