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Get rid of cycles of Life and Death जीवन मृत्यु के चक्र से छुटकारा

Jan 172018

शास्त्रों के अनुसार जन्म और मृत्यु एक चक्र है तो अनवरत चलता रहता है। आत्मा वस्त्रों की तरह शरीर बदलती रहती है। आत्मा अमर है और वह निश्चित समय के लिए अलग-अलग शरीर धारण करती है। प्राणी के जीवन और मृत्यु के इस चक्र से मुक्ति को मोक्ष कहा जाता है।

आचार्य चाणक्य ने 5 बातें बताई हैं, जो इंसान जीवन में इन बातों का ध्यान रखता है उसे मोक्ष प्राप्त हो जाता है-undefined


आचार्य चाणक्य कहते हैं कि :-- "वचनशुद्धि मनशुद्धि औ, इन्द्रिय संयम शुद्धि। भूत दया औ स्वच्छता, पर अर्थिन यह बुद्धि।।"


आचार्य चाणक्य ने इस दौहे में बताया है कि जो लोग अपनी वाणी में पवित्रता बनाए रखते हैं, कभी भी किसी के मन को ठेस नहीं पहुंचाते हैं, हमेशा मीठा बोलते हैं, उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है।

जो लोग मन से शुद्ध होते हैं, किसी का अहित नहीं सोचते हैं उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है।

जो लोग इंद्रियों पर संयम रखते हैं और व्यर्थ की बातों में ध्यान नहीं देते हैं उन्हें बार-बार जन्म-मृत्यु के चक्र में फंसना नहीं पड़ता है।

सभी जीवों और प्राणियों से प्रेम करना, सभी का ध्यान रखना, किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना ये गुण वाले व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है।

जो लोग अपने धन की दूसरों की मदद में खर्च करते हैं, जो धन को व्यर्थ खर्च नहीं करते हैं, जो लोग धर्म के कार्यों में धन लगाते हैं उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है।

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